ई-साक्ष्य से सशक्त होगी पुलिस विवेचना, 950 से अधिक पुलिसकर्मियों को मिला प्रशिक्षण

पांच दिवसीय कार्यशाला में डिजिटल साक्ष्य संकलन, नए कानून, सीसीटीएनएस और साइबर अपराध पर हुई चर्चा

जशपुर। पुलिस विवेचना को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और डिजिटल साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जशपुर पुलिस की पांच दिवसीय ई-साक्ष्य कार्यशाला संपन्न हुई। जिला पंचायत जशपुर के सभागार में 15 से 19 सितंबर तक आयोजित कार्यशाला में जिले के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ई-साक्ष्य एप के संचालन तथा डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के संकलन और सुरक्षित रिकॉर्डिंग का प्रशिक्षण दिया गया।

पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर द्वारा ऑनलाइन माध्यम से आयोजित प्रशिक्षण में पुलिसकर्मियों को विवेचना के दौरान प्राप्त होने वाले फोटो, वीडियो सहित अन्य डिजिटल साक्ष्यों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत संकलित करने, सुरक्षित रखने और आवश्यकता के अनुसार विवेचना में उपयोग करने की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में तकनीकी संसाधनों के माध्यम से विवेचना को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और साक्ष्य आधारित बनाने के विभिन्न पहलुओं पर भी जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के बाद एसएसपी ने किया सीधा संवाद

कार्यशाला के प्रत्येक दिवस प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने जिले के 950 से अधिक पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों से पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की और बदलते अपराध के स्वरूप के अनुरूप तकनीकी रूप से अपडेट रहने के निर्देश दिए।

उन्होंने नवीन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ सीसीटीएनएस, ई-साक्ष्य और अन्य डिजिटल कार्यवाहियों में दक्षता हासिल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग में तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग आवश्यक है और डिजिटल साक्ष्यों के संकलन एवं उपयोग में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।

साइबर जागरूकता और कम्युनिटी पुलिसिंग पर जोर

पुलिस कप्तान ने अधिकारियों-कर्मचारियों को साइबर अपराधों के प्रति स्वयं सजग रहने के साथ आम नागरिकों को भी ऑनलाइन ठगी और डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव के उपायों की जानकारी देने के निर्देश दिए। थाना एवं चौकी क्षेत्रों में साइबर जागरूकता अभियान को लगातार प्रभावी रूप से संचालित करने पर जोर दिया गया।

इसके अलावा हेलमेट जागरूकता अभियान को निरंतर चलाने तथा पुलिस मितान के माध्यम से आम नागरिकों तक पुलिस की पहुंच बढ़ाने के निर्देश दिए गए। पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर अपराध नियंत्रण, यातायात जागरूकता और जनसुरक्षा के लिए कार्य करने पर भी जोर दिया गया।

नशामुक्ति के लिए सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश

कार्यशाला के दौरान पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वयं नशापान से दूर रहने तथा समाज में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए गए। युवाओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों को नशे से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार प्रयास करने को कहा गया।

कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर राकेश कुमार पाटनवार, डीएसपी ट्रैफिक कुंज राम चौहान, रक्षित निरीक्षक जशपुर अमरजीत खूंटे सहित जिले के पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।