12 साल से हर बार नई थीम के साथ गणेश स्थापना, विकास मित्र मंडल ने इस वर्ष दिया तिरुपति बालाजी का स्वरूप


By.अविनाश वाधवा
तिल्दा-नेवरा। गणेशोत्सव के रंग में रंगे तिल्दा-नेवरा में इन दिनों जगह-जगह भव्य पंडाल श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं। इसी बीच विकास मित्र मंडल द्वारा तैयार किया गया गणेश पंडाल अपनी धार्मिक थीम और आकर्षक सजावट के चलते लोगों के बीच विशेष चर्चा का विषय बना हुआ है। इस वर्ष मंडल ने तिरुपति बालाजी की थीम पर पंडाल तैयार कर गणपति बप्पा की स्थापना की है।
पंडाल में भगवान गणेश की प्रतिमा को बालाजी स्वरूप की धार्मिक कल्पना के अनुरूप सजाया गया है। दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु पंडाल की सजावट और प्रतिमा के स्वरूप को देखकर आकर्षित हो रहे हैं। शाम के समय यहां श्रद्धालुओं की आवाजाही भी बढ़ रही है।
हर साल कुछ नया करने की परंपरा
विकास मित्र मंडल पिछले 12 वर्षों से गणेशोत्सव का आयोजन कर रहा है। मंडल की खास बात यह है कि हर वर्ष पंडाल और गणपति स्थापना के लिए नई धार्मिक थीम तैयार की जाती है। इसी परंपरा के तहत इस बार तिरुपति बालाजी को थीम बनाया गया है।
मंडल प्रमुख विकास सुखवानी ने बताया कि हर वर्ष श्रद्धालुओं के लिए कुछ नया और अलग प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाता है। इस बार भी इसी सोच के साथ बालाजी की थीम तैयार की गई है।
अगली बार केदारनाथ थीम की तैयारी
विकास सुखवानी ने बताया कि इस वर्ष मंडल की योजना केदारनाथ धाम की थीम पर गणपति पंडाल तैयार करने की थी, लेकिन कुछ कारणों से यह योजना इस बार साकार नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में अवसर मिला तो केदारनाथ धाम की थीम को भी भव्य रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा।
आस्था के साथ सामाजिक एकता का संदेश
मंडल प्रमुख ने कहा कि गणेशोत्सव केवल पूजा और धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे आयोजन समाज को एकजुट करने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का भी माध्यम हैं। उनका कहना है कि धार्मिक परंपराओं और सनातन संस्कृति से नई पीढ़ी को जोड़ना भी आवश्यक है।
प्रतिदिन हो रही आरती, दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु
विकास मित्र मंडल द्वारा पंडाल में नियमित रूप से आरती सहित विभिन्न धार्मिक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। गणेशोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। आकर्षक सजावट और धार्मिक वातावरण के कारण यह पंडाल स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
मंडल से जुड़े सदस्यों के अनुसार, आयोजन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को धार्मिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ समाज में भाईचारा, सद्भाव और एकता की भावना को मजबूत करना है। 12 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मंडल ने इस वर्ष भी कुछ नया करने का प्रयास किया है।
भविष्य में और भव्य आयोजन का लक्ष्य
विकास सुखवानी ने कहा कि श्रद्धालुओं के सहयोग और गणपति बप्पा के आशीर्वाद से आने वाले वर्षों में आयोजन को और बड़े स्तर पर करने का प्रयास रहेगा। धार्मिक स्थलों और आध्यात्मिक विषयों पर आधारित नई थीम के माध्यम से हर वर्ष श्रद्धालुओं को अलग अनुभव देने की योजना है।
