वेल्डिंग-फैब्रिकेशन दुकानों और चाकू धार करने वालों को समझाइश, संदिग्ध बिक्री पर होगी निगरानी

अविनाश वाधवा
तिल्दा-नेवरा। नाबालिगों के हाथों में चाकू और अन्य धारदार हथियार पहुंचने की घटनाओं को रोकने के लिए तिल्दा-नेवरा पुलिस ने अब नई रणनीति के तहत अभियान शुरू किया है। पुलिस का फोकस हथियार मिलने के बाद कार्रवाई करने के बजाय, नाबालिगों तक हथियार पहुंचने से पहले ही उसकी रोकथाम पर है।
थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सुभाष चौक सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों में वेल्डिंग-फैब्रिकेशन दुकानों, लोहारों और चाकू धार करने वालों से संपर्क कर उन्हें आवश्यक समझाइश दी। दुकानदारों से नाबालिगों को बड़े अथवा धारदार चाकू उपलब्ध नहीं कराने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को देने कहा गया।
नाबालिग के पास हथियार मिला तो होगी पड़ताल
पुलिस अब यह भी पता लगाएगी कि नाबालिग के पास धारदार हथियार पहुंचा कैसे। किसी आपराधिक घटना में हथियार का इस्तेमाल सामने आने पर उसे उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की जाएगी। मामले की परिस्थितियों और लागू कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर
पुलिस द्वारा युवाओं और नाबालिगों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जा रही है। संभावित अपराध के संकेत मिलने पर समय रहते रोकथाम करने का प्रयास किया जा रहा है।
अभिभावकों से पुलिस की अपील
पुलिस ने अभिभावकों से बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने और उनसे लगातार संवाद बनाए रखने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि छोटी-सी कहासुनी में धारदार हथियार का इस्तेमाल गंभीर अपराध का रूप ले सकता है।
एसपी रायपुर ग्रामीण श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के निर्देश पर चल रहे अभियान का उद्देश्य नाबालिगों को अपराध की राह से दूर रखना और धारदार हथियारों की आसान पहुंच पर प्रभावी रोक लगाना है।
