रायगढ़। जिंदल समूह के संस्थापक एवं दूरदर्शी उद्योगपति ओमप्रकाश जिंदल ‘बाबूजी’ की 96वीं जयंती शुक्रवार को रायगढ़ में सेवा, संस्कार और सामाजिक सरोकारों के संदेश के साथ मनाई गई। जिंदल स्टील लिमिटेड परिसर से शुरू हुआ जयंती समारोह देर शाम तक शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के रूप में जारी रहा।
जयंती के अवसर पर पौधरोपण, स्वास्थ्य जांच शिविर, रक्तदान, जरूरतमंदों को भोजन एवं आवश्यक सामग्री का वितरण तथा विशेष बच्चों के सम्मान सहित कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिंदल सेंटर में आयोजित रक्तदान शिविर में जिंदल स्टील परिवार के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सुरक्षा कर्मियों ने दी सलामी, बालिकाओं की प्रस्तुति ने बांधा समां
मुख्य समारोह जिंदल स्टील परिसर स्थित सेंट्रल बैरियर के समीप सुबह 8 बजे आयोजित हुआ। सुरक्षा कर्मियों ने मार्चपास्ट कर संस्थापक ओपी जिंदल को सलामी दी। इसके बाद ग्राम कोसमपाली की बालिकाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
समारोह में महापौर जीवर्धन चौहान ने बाबूजी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ओपी जिंदल केवल सफल उद्योगपति नहीं, बल्कि दूरदर्शी समाजसेवी और राष्ट्र के विकास के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थे। उनके प्रयासों से रायगढ़ सहित पूरे क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति मिली और रोजगार, शिक्षा तथा स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए अवसर तैयार हुए।
नगर पंचायत किरोड़ीमलनगर के अध्यक्ष हरिकिशोर चंद्रा ने कहा कि जिंदल स्टील ने रायगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वहीं नगर निगम रायगढ़ के नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने कहा कि बाबूजी के आदर्शों और मूल्यों को चेयरमैन नवीन जिंदल आगे बढ़ा रहे हैं।
पूर्व विधायक चौन सिंह सामले ने कहा कि बाबूजी ने उद्योग के साथ सामाजिक विकास को भी बराबर महत्व दिया। समाजसेवी डॉ. उमेश शर्मा ने उनके जीवन को संघर्ष, मेहनत और दृढ़ संकल्प की प्रेरक मिसाल बताया। ग्राम कलमी के वरिष्ठ नागरिक गंगाधर पटेल तथा समाजसेवी बजरंग अग्रवाल ने भी बाबूजी के सरल स्वभाव और विकासपरक सोच को याद किया।
‘शून्य से शिखर’ तक का सफर बना प्रेरणा
कार्यपालन निदेशक देबोज्योति रॉय ने कहा कि किसान से देश के अग्रणी उद्योगपति बनने तक बाबूजी का जीवन संघर्ष, परिश्रम और दूरदृष्टि का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि ऊंचाइयों पर पहुंचने के बावजूद ओपी जिंदल सदैव सरल और जमीन से जुड़े रहे।
एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट संजीव चौहान ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि बाबूजी द्वारा रोपा गया विकास का बीज आज विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है। इसकी छांव में हजारों परिवारों को प्रत्यक्ष रोजगार और लाखों लोगों को आजीविका का आधार मिला है।
समारोह में जिंदल स्टील परिवार के सदस्यों के अलावा शहर एवं आसपास के गांवों से आए जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
वृद्धाश्रमों और सेवा संस्थाओं में पहुंची मदद
फाउंडर्स डे के अवसर पर जिंदल फाउंडेशन की ओर से शहर के विभिन्न वृद्धाश्रमों, अनाथालयों और सेवा संस्थाओं में भोजन की व्यवस्था की गई। संस्थाओं की जरूरत के अनुसार खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुएं भी उपलब्ध कराई गईं।
उन्नायक सेवा समिति द्वारा संचालित उम्मीद, ग्राम डोंगाढकेल स्थित संचार वृद्धाश्रम, चक्रधर बालिका गृह और आशा प्रशामक देखभाल गृह सहित विभिन्न संस्थाओं में सेवा गतिविधियां आयोजित की गईं। जिंदल लेडीज क्लब की सदस्यों ने भी इन कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाई।
विशेष बच्चों के साथ बांटी खुशियां
जिंदल आशा में विशेष बच्चों के साथ बाबूजी की जयंती उत्साहपूर्वक मनाई गई। कार्यपालन निदेशक देबोज्योति रॉय, एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट संजीव चौहान, वरिष्ठ अधिकारियों और सीएसआर टीम ने बच्चों के साथ समय बिताया।
खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विशेष बच्चों को सम्मानित किया गया। बच्चों के साथ केक काटकर खुशियां साझा की गईं और जिंदल फाउंडेशन की ओर से उन्हें उपहार भी दिए गए।
एसएसडी पूंजीपथरा में स्वास्थ्य शिविर और सेवा गतिविधियां
पूंजीपथरा स्थित स्टील स्ट्रक्चरल डिवीजन में भी संस्थापक दिवस श्रद्धा के साथ मनाया गया। बाबूजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद हनुमान मंदिर में सुंदरकांड का पाठ किया गया।
निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए गए
जिंदल मेडिकल एड पोस्ट और ग्राम तुमीडीह में निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए गए। अमलीडीह स्थित नेत्रहीन बाल विद्या मंदिर में खाद्य सामग्री और सूखा राशन वितरित किया गया। कार्यक्रम में एसएसडी प्रमुख मोहम्मद इनाम उर रशदीन सहित अधिकारी-कर्मचारी और लेडीज क्लब की सदस्य मौजूद रहीं।
गारे-पेलमा कोल माइंस में भी हुए कार्यक्रम
तमनार स्थित गारे-पेलमा 4 ध 6 कोल माइंस में भी संस्थापक दिवस मनाया गया। माइंस प्रमुख पिनाकी भट्टाचार्जी ने बाबूजी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन को कर्मठता, ईमानदारी और दूरदृष्टि की मिसाल बताया।
माइंस साइट कार्यालय में निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया। ग्राम बड़गांव स्थित मूक-बधिर बच्चों के विद्यालय में भी विद्यार्थियों के बीच सेवा गतिविधियां आयोजित कर बाबूजी की जयंती मनाई गई।
