इंसास रायफल समेत हथियार छोड़कर जंगल से फरार आरोपी मुंबई से गिरफ्तार


पुलिस घेराबंदी के दौरान हथियार छोड़कर भागा था आरोपी


जशपुर। करीब दो महीने पहले पुलिस की घेराबंदी देखकर इंसास रायफल समेत अन्य हथियार और सामान जंगल में छोड़कर फरार हुए आरोपी को जशपुर पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान पलटू दास (36 वर्ष), निवासी ग्राम सकरा, थाना कुरूमगढ़, जिला गुमला, झारखंड के रूप में हुई है। पुलिस आरोपी को मुंबई से जशपुर लेकर आई, जहां पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
मामला 11 जून 2026 का है। सिटी कोतवाली जशपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि बूमतेल सरनाटोली जंगल क्षेत्र में दो सशस्त्र व्यक्ति हथियारों के बल पर राहगीरों को डरा-धमकाकर पैसों की मांग कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर सर्च अभियान शुरू किया। पुलिस को आता देख दोनों आरोपी जंगल का फायदा उठाकर हथियार और अन्य सामान मौके पर छोड़कर फरार हो गए थे।
पुलिस ने घटनास्थल से एक इंसास रायफल मैगजीन सहित, एक होममेड रायफल मय मैगजीन, एक देसी कट्टा, छह जिंदा कारतूस, चार लोहे के बोल्ट, एक हथौड़ी, एक तलवार, एक कैंची, बैग तथा कुछ दस्तावेज बरामद किए थे। इस मामले में सिटी कोतवाली जशपुर में आर्म्स एक्ट की धारा 25 एवं 27 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।


दो आरोपियों की हुई थी पहचान


विवेचना के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान हृदय साहू उर्फ गांगु, निवासी ग्राम लूँगा, थाना रायडीह, जिला गुमला (झारखंड) और पलटू दास, निवासी ग्राम सकरा, थाना कुरूमगढ़, जिला गुमला (झारखंड) के रूप में की।
पुलिस ने पूर्व में हृदय साहू को उसके गृहग्राम से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था। वहीं पलटू दास घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था।


तकनीकी इनपुट से मुंबई में मिला ठिकाना


फरार आरोपी की तलाश में जशपुर पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। इसी दौरान तकनीकी विश्लेषण, साइबर इनपुट और स्थानीय स्तर से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को पता चला कि पलटू दास मुंबई में छिपकर रह रहा है।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में विशेष पुलिस टीम गठित कर मुंबई भेजी गई। टीम ने आरोपी को मुंबई से हिरासत में लिया और जशपुर लेकर आई।


हथियारों के बल पर वसूली का आरोप


पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर अपराध में शामिल होने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान सह-आरोपी हृदय साहू से उसके जीजा के गांव लूँगा में हुई थी। दोनों ने हथियारों के बल पर लोगों को डराकर अवैध रूप से पैसे वसूलने की योजना बनाई थी।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने साथ इंसास रायफल और देसी कट्टा लेकर आया था, जबकि होममेड रायफल हृदय साहू के पास थी। दोनों जंगल के रास्ते छत्तीसगढ़ पहुंचे और एक युवक एवं युवती को पार्टी का सदस्य बताकर डराया-धमकाया। इसके बाद उनके परिजनों से 30 हजार रुपये मंगवाकर दोनों को छोड़ दिया। बाद में दोनों ने रकम आपस में बांट ली।

हथियार दिखाकर दुसरों का भोजन खाया


पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने जंगल में पुटू (मशरूम) बीनने गई दो युवतियों को भी हथियार दिखाकर डराया और उनका भोजन खाया। इसके बाद लावा नदी क्षेत्र में घूमते हुए खेत में काम कर रहे लोगों से भी भोजन लिया। इसी दौरान पुलिस का सर्च अभियान शुरू हुआ और पुलिस को आता देखकर दोनों हथियार व अन्य सामान छोड़कर जंगल के रास्ते फरार हो गए।


पूर्व में नक्सली संगठन से था शामिल


पुलिस पूछताछ में पलटू दास ने पूर्व में एक नक्सली कमांडर के समूह के संपर्क में रहने की बात भी बताई है। आरोपी के अनुसार, वर्ष 2012 में जंगल क्षेत्र में चट्टान के नीचे छिपाकर रखे गए कुछ हथियार उसने अपने कब्जे में ले लिए थे। पुलिस इस जानकारी की भी विस्तृत जांच कर रही है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक रियलमी मोबाइल फोन भी जब्त किया है। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, उप निरीक्षक नसीरुद्दीन अंसारी, आरक्षक उपेंद्र सिंह एवं नगर सैनिक थानेश्वर देशमुख की महत्वपूर्ण भूमिका रही।