शादी के पहले से चल रहा था चक्कर, हत्या ,भाई-बहन समेत तीन गिरफ्तार


कोसा हत्याकांड में पुलिस की बड़ी सफलता : 200 से अधिक टावर डम्प, CDR-IPDR, CCTV और फॉरेंसिक जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस


जांजगीर-चांपा, 9 सितंबर। थाना मुलमुला क्षेत्र के ग्राम कोसा में करीब ढाई महीने पहले हुई अमित भंडारी की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने मामले में एक महिला समेत तीन आरोपियों बजरंग सिंह क्षत्रिय, पप्पू सिंह क्षत्रिय और संतोषी सिंह क्षत्रिय को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में हत्या की वजह प्रेम प्रसंग सामने आई है।


रात डेढ़ बजे तक प्रेमिका से हुई बात


पुलिस के अनुसार मृतक अमित भंडारी का संतोषी सिंह से विवाह से पहले से प्रेम प्रसंग था। विवाह के बाद भी दोनों के बीच बातचीत जारी रही। अमित जब भी गांव लौटता था, दोनों के बीच मुलाकात और फोन पर बातचीत होती थी। घटना वाली रात भी दोनों ने करीब रात 1:30 बजे तक फोन पर बातचीत की थी।
इसके बाद करीब 2:30 बजे अमित संतोषी से मिलने उसके घर के पीछे पहुंचा। इसी दौरान संतोषी का भाई बजरंग सिंह टेंट का काम खत्म कर घर लौटा। घर के पीछे कुछ आवाज सुनकर वह वहां पहुंचा और अमित को अपनी बहन के साथ देखकर भड़क गया। दोनों के बीच विवाद और मारपीट शुरू हो गई।


फावड़े से सिर और छाती पर किया वार


पुलिस के मुताबिक मारपीट के दौरान अमित का सिर पीछे की दीवार से टकराया, जिससे वहां खून के निशान बन गए। अमित जान बचाकर दीवार फांदकर भागने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान बजरंग सिंह ने पास पड़े छोटे फावड़े/रापा से उसके सिर और छाती पर वार कर दिया, जिससे अमित की मौत हो गई।
हत्या के बाद बजरंग ने शव को घर के पीछे बाड़ी में झुरमुट के नीचे छिपा दिया। उसी रात गांव में चोरी की सूचना पर डायल-112 के पहुंचने और ग्रामीणों के जागे होने के कारण शव को दूसरी जगह ले जाना संभव नहीं हुआ।


बहन ने शव छिपाने में की मदद


पुलिस के अनुसार संतोषी सिंह ने पूरी घटना देखी और शव छिपाने में अपने भाई बजरंग की मदद की। अगले दिन बजरंग का बड़ा भाई पप्पू सिंह काम से गांव लौटा। बजरंग ने उसे पूरी घटना बताई। इसके बाद दोनों ने मिलकर अमित के शव को दूसरी जगह रखने की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों ने अमित के परिजनों के साथ उसकी तलाश करने का नाटक किया और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाना मुलमुला भी पहुंचे। इसके बाद 28 जून की मध्यरात्रि करीब 12 बजे मौका देखकर अमित के शव को गांव के बीचो-बीच दूसरी जगह ले जाकर रख दिया गया, ताकि पुलिस का शक उन पर न जाए।
29 जून को मिला था शव
27 जून की रात अमित के घर से निकलने के बाद उसका शव 29 जून की सुबह ग्राम कोसा के अमहदा तालाब के पास एक निर्जन बाड़ी में बरामद हुआ था। गांव के बीचो-बीच हुई इस हत्या ने पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी। पुलिस ने प्रेम प्रसंग के अलावा जुआ, शराब से जुड़े असामाजिक तत्वों और पुराने पंचायत चुनाव के विवाद सहित कई बिंदुओं पर जांच शुरू की।


200 से ज्यादा टावर डम्प खंगाले


मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस कप्तान के निर्देश पर एसआईटी गठित की गई। जांच टीम ने 200 से अधिक टावर डम्प, CDR, IPDR, GPS लोकेशन, CCTV फुटेज और घटना के समय संदिग्धों की लोकेशन का बारीकी से विश्लेषण किया।
इसके साथ ही फॉरेंसिक तकनीकी जांच, एलवीए, पॉलीग्राफ, ब्रेन मैपिंग और नार्को टेस्ट जैसे आधुनिक परीक्षणों का भी सहारा लिया गया। घटना स्थल का पुनर्निर्माण कराया गया तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट का पुनर्विश्लेषण किया गया।


ट्रैकर डॉग विमला ने भी दी अहम लीड


जांच में 7 वर्ष से अधिक अनुभव रखने वाली वरिष्ठ प्रशिक्षित ट्रैकर डॉग विमला की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। बिलासपुर से आई ट्रैकर डॉग ने पुलिस टीम को महत्वपूर्ण लीड दी, जिसे आरोपियों की लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से जोड़कर जांच आगे बढ़ाई गई।
पूछताछ के दौरान आरोपियों के बयान बार-बार बदलने और घटना के बाद उनके संदिग्ध व्यवहार ने पुलिस का शक और मजबूत किया। पुलिस के अनुसार वैज्ञानिक एवं तकनीकी जांच के बाद दोबारा पूछताछ में आरोपियों ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली।


हत्या में प्रयुक्त फावड़ा और सीढ़ी बरामद


आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त छोटा फावड़ा/रापा तथा शव को एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाने में इस्तेमाल की गई लोहे की छोटी सीढ़ी बरामद कर ली है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। संतोषी सिंह और पप्पू सिंह को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी बजरंग सिंह को पुलिस रिमांड पर लेकर आगे फॉरेंसिक एवं आधुनिक तकनीकी परीक्षण की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की लंबी और बहुआयामी जांच के बाद करीब ढाई महीने से रहस्य बनी अमित भंडारी हत्याकांड की कहानी आखिरकार सामने आ गई।